श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, ककरियाल कटड़ा में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (BOPEE) ने इन विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित करने के लिए विशेष व्यवस्था की घोषणा की है।
बोर्ड ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 50 सुपरन्यूमेरेरी सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों का आवंटन विशेष रूप से वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों के लिए किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने फिजिकल काउंसलिंग आयोजित करने का निर्णय लिया है।
काउंसलिंग की तारीख और समय
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह फिजिकल काउंसलिंग 24 जनवरी 2026 (शनिवार) को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक जम्मू और श्रीनगर स्थित बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन कार्यालयों में रिपोर्ट करना होगा।
विद्यार्थियों के लिए राहत
इस निर्णय से वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग थी कि उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रह सके। बोर्ड का यह कदम विद्यार्थियों की चिंताओं को दूर करने वाला साबित होगा।
प्रक्रिया और नियम
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे। सीटों का आवंटन मेरिट और उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों को सीटें मिलेंगी, उन्हें तुरंत संबंधित कॉलेज में दाखिला लेना होगा।
प्रशासन की भूमिका
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
विद्यार्थियों ने इस घोषणा को राहत भरा कदम बताया है। उनका कहना है कि अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कई विद्यार्थियों ने उम्मीद जताई कि उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा और वे अपने करियर को आगे बढ़ा पाएंगे।


