हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। धर्मशाला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 7.14 करोड़ रुपये की लागत से जिपलाइन परियोजना को मंजूरी दी गई। यह जिपलाइन 4.3 किलोमीटर लंबी होगी और प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दिलाने की उम्मीद है।
पंचायत चुनाव पर चर्चा
बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कैबिनेट में पंचायत चुनाव पर विचार-विमर्श किया गया है और अप्रैल से पहले चुनाव करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पंचायती राज मंत्री और संबंधित अधिकारियों को चुनाव की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
पंचायतों का कार्यकाल समाप्त
पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है। इसके बाद पंचायतों में प्रशासनिक अधिकार किसे दिए जाएंगे, इस पर भी बैठक में चर्चा हुई। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। कैबिनेट ने पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की संभावना पर भी विचार किया।
जिपलाइन परियोजना का महत्व
धर्मशाला में बनने वाली जिपलाइन परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रदेश की सबसे लंबी जिपलाइन होगी और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देंगे। जहां एक ओर जिपलाइन परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पंचायत चुनाव की तैयारियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। पंचायतों के कार्यकाल को लेकर अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जाएगा।


