यूक्रेन के चेरनोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट में मंगलवार सुबह बड़ा संकट पैदा हो गया। दुनिया की सबसे बड़ी नागरिक न्यूक्लियर तबाही का गवाह रहा यह प्लांट अचानक पूरी तरह बाहरी बिजली सप्लाई से कट गया।
संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन आईएईए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इसकी पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, रूसी सेना ने बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनसे यूक्रेन की कई महत्वपूर्ण बिजली सबस्टेशन्स क्षतिग्रस्त हो गईं। ये सबस्टेशन्स न्यूक्लियर सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।
चेरनोबिल प्लांट की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि कुछ अन्य न्यूक्लियर पावर प्लांट्स की पावर लाइन्स भी प्रभावित हुई हैं।
आईएईए के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने कहा कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और न्यूक्लियर सुरक्षा पर इसके असर का आकलन कर रहे हैं।
महत्व
- चेरनोबिल प्लांट पहले ही इतिहास की सबसे बड़ी न्यूक्लियर दुर्घटना का स्थल रहा है।
- मौजूदा संकट ने वैश्विक स्तर पर न्यूक्लियर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली सप्लाई बाधित होने से न्यूक्लियर सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है।


