भारतीय संस्कृति की सराहना: जापानी राजदूत ने हाथ से भोजन करने की परंपरा और हैदराबादी बिरयानी की तारीफ की

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जापानी राजदूत ने भारतीय संस्कृति की सराहना करते हुए हाथ से भोजन करने की परंपरा को विशेष बताया। उनका कहना है कि भारत में हाथ से खाना केवल परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि आयुर्वेद के अनुसार इससे भोजन का स्वाद बढ़ता है और खाने वाले का भोजन से गहरा जुड़ाव भी होता है।

उन्होंने कहा कि हाथ से भोजन करना भारतीय संस्कृति की विशिष्टता को दर्शाता है और यह अनुभव भोजन को केवल स्वाद तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे आत्मीयता और जुड़ाव का रूप देता है।

यह पहला अवसर नहीं है जब जापानी राजदूत ने भारतीय खानपान की प्रशंसा की हो। इससे पहले तेलंगाना दौरे के दौरान उन्होंने असली हैदराबादी बिरयानी का स्वाद लिया था। उस समय उन्होंने बिरयानी को “मसालों से भरपूर और बेहद लाजवाब” बताया था। उन्होंने लिखा था कि इसके स्वाद इतने शानदार हैं कि यह “आदत डालने वाली” डिश बन जाती है।

भारतीय भोजन और संस्कृति के प्रति उनका यह लगाव भारत-जापान संबंधों में सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करता है।

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