इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना के मार्चिंग दल ने तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का खिताब अपने नाम किया। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में महाराष्ट्र ने गणेशोत्सव पर आधारित अपनी झांकी के लिए प्रथम पुरस्कार हासिल किया।
मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी विजेता रही, जिसने ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष पुरानी विरासत को भव्य रूप में प्रस्तुत किया।
विस्तृत रिपोर्ट
गणतंत्र दिवस परेड हर वर्ष देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदर्शित करने का मंच होती है। इस बार नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी ने अपने अनुशासन, तालमेल और शानदार प्रदर्शन से दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में महाराष्ट्र की झांकी सबसे अलग रही। गणेशोत्सव को दर्शाने वाली इस झांकी ने भारतीय परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की। रंग-बिरंगे दृश्य और कलात्मक प्रस्तुति ने इसे शीर्ष पुरस्कार दिलाया।
संस्कृति मंत्रालय की झांकी ने ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल पुरानी विरासत को जीवंत किया। इस झांकी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत की भूमिका और इसके सांस्कृतिक महत्व को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
पुरस्कार वितरण
इन सभी विजेताओं को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण समारोह 30 जनवरी को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सैन्य और सांस्कृतिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस परेड 2026 ने एक बार फिर भारत की सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया। भारतीय नौसेना की टुकड़ी, महाराष्ट्र की झांकी और संस्कृति मंत्रालय की प्रस्तुति ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया।


