विधान भवन में सोमवार को तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाग लिया।
मुख्य संबोधन में ओम बिरला ने कहा कि विधायिका में जनता का विश्वास बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती तभी संभव है जब सदन की कार्यवाही सार्थक और गंभीर चर्चा के लिए पर्याप्त समय तक चले।
कार्यवाही के समय पर चिंता
लोकसभा अध्यक्ष ने राज्य विधानसभाओं की कार्यवाही का समय लगातार घटने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य विधानमंडलों के लिए निश्चित और पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उनके अनुसार, सदन जितना अधिक चलेगा, उतनी ही अधिक सार्थक, गंभीर और परिणामोन्मुख चर्चा संभव होगी।
निष्कर्ष
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए विधायिका की कार्यवाही को मजबूत और समयबद्ध करना बेहद जरूरी है।


