बहराइच जिला प्रशासन ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी मजारों पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में करीब दस से बारह मजारें ध्वस्त की गईं।
लंबे समय से लंबित आदेश
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि इन मजारों को हटाने का आदेश वर्ष 2002 में ही जारी कर दिया गया था। लेकिन आदेश लागू होने के बजाय समय के साथ इनकी संख्या बढ़ती गई। धीरे-धीरे परिसर में 10-12 मजारें अवैध रूप से खड़ी कर दी गईं।
कॉलेज प्रशासन की शिकायत
मेडिकल कॉलेज के सामने बनी इन मजारों के कारण छात्रों और अधिकारियों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। कॉलेज प्राचार्य ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ने मजारों की देखरेख करने वाले पदाधिकारियों से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
बुलडोजर एक्शन
सोमवार को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध घोषित मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान तीन थानों की पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और नगर पालिका के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
प्रशासन का रुख
प्रशासन का कहना है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध निर्माण किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों और अधिकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बहराइच मेडिकल कॉलेज परिसर से अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है। लंबे समय से लंबित आदेश को लागू कर परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया गया। इस कदम से छात्रों और अधिकारियों को राहत मिलेगी और कॉलेज परिसर में व्यवस्था बहाल होगी।


