आटोनामिक स्टेट मेडिकल कॉलेज के सामने स्थापित मजारों को सोमवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में नगर मजिस्ट्रेट और नगर पालिका के अधिकारी भी शामिल रहे।
कॉलेज प्रशासन की शिकायत
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने छात्रों और अधिकारियों को हो रही समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। परिसर के सामने बनी मजारों के कारण प्रतिदिन भीड़ जुटती थी, जिससे पठन-पाठन और कॉलेज की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
दस्तावेज़ न दिखाने पर कार्रवाई
नगर मजिस्ट्रेट ने मजार की देखरेख करने वाले पदाधिकारियों से वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने मजारों को अवैध घोषित कर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए तीन थानों की पुलिस बल तैनात की गई। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी और नगर पालिका के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।
मजारों का विस्तार
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज परिसर के सामने आस्ताना रसूल शाह के नाम से मजार बनाई गई थी। समय के साथ यहां एक-एक कर दस मजारें खड़ी कर दी गईं। प्रतिदिन आने वाले लोगों की वजह से यहां भीड़ रहती थी, जिससे छात्रों की पढ़ाई और कॉलेज की गतिविधियों में अव्यवस्था उत्पन्न हो रही थी।
प्रशासन का रुख
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध निर्माण किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों की पढ़ाई और कॉलेज की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने संकेत दिया कि भविष्य में भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
आटोनामिक स्टेट मेडिकल कॉलेज परिसर से अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है। लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया गया। इस कदम से छात्रों और अधिकारियों को राहत मिलेगी और कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु रूप से चल सकेगी।


