ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इस फैसले की दुनियाभर में सराहना हो रही है। अब भारत में भी इस दिशा में पहल की संभावना बनती दिख रही है। आंध्र प्रदेश सरकार ऑस्ट्रेलिया के इस मॉडल का अध्ययन कर रही है और बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून बनाने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है। राज्य के तकनीकी और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश को इस विषय पर अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे ऑस्ट्रेलियाई सरकार के फैसले, उसके प्रभाव और कानूनी ढांचे का विश्लेषण कर रहे हैं।
क्या है आंध्र प्रदेश सरकार की योजना?
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान नारा लोकेश ने कहा कि बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कड़े नियमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा,
“ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है। हम इस फैसले का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। हमारा मानना है कि बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए मजबूत और प्रभावी कानून बनाए जाने चाहिए।”
नारा लोकेश ने यह भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता बच्चों के सुरक्षित डिजिटल भविष्य को सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आंध्र प्रदेश इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। फिलहाल सरकार अध्ययन के बाद सभी पहलुओं पर विचार कर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।


