वायु प्रदूषण आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। चीन भी लंबे समय तक इस समस्या से जूझता रहा है, लेकिन पिछले एक दशक में उसने इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
ताजा विश्लेषण के अनुसार, चीन की राजधानी बीजिंग ने बीते 10 वर्षों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई बड़े प्रयास किए। इन प्रयासों का नतीजा यह रहा कि बीजिंग में PM2.5 प्रदूषण का स्तर आधे से भी ज्यादा घटा दिया गया है।
इसके विपरीत, भारत में स्थिति लगभग जस की तस बनी हुई है। औसत स्तर में कोई खास सुधार नहीं दिखा है, जिससे साफ है कि भारत को प्रदूषण नियंत्रण के लिए और अधिक सख्त और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु:
- बीजिंग ने 10 वर्षों में PM2.5 स्तर को आधे से ज्यादा कम किया।
- चीन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर नीतियां लागू कीं।
- भारत में औसत स्तर में कोई खास बदलाव नहीं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति और सख्त क्रियान्वयन की जरूरत है।


