राजकोट अदालत ने 44 दिनों में सुनाई फांसी की सजा, सात साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला

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गुजरात के राजकोट जिले में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सात साल की मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय दरिंदगी के मामले में अदालत ने महज 44 दिनों के भीतर दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इस तेज़ फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में अभूतपूर्व माना जा रहा है।

घटना का विवरण

  • घटना 4 दिसंबर 2025 को राजकोट जिले की आटकोट तहसील के कानपार गांव के बाहरी इलाके में हुई।
  • गांव का ही आरोपित रामसिंह डुडवा बगीचे में खेल रही बच्ची को झाड़ियों में ले गया।
  • वहां उसने बच्ची से दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ से उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पहुंचाईं।
  • बच्ची बुरी तरह लहूलुहान हो गई और दर्द से तड़पती हालत में वहीं छोड़ दी गई।
  • घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया।

अदालत का फैसला

राजकोट अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित सुनवाई की और मात्र 44 दिनों में दोषी को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है।

निष्कर्ष

राजकोट की इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है। अदालत का त्वरित फैसला पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और यह संदेश देता है कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

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