ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक अहम पहल की है। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों को बाकायदा QR Code जारी किए गए हैं, जिससे पंचायत स्तर पर डिजिटल भुगतान और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। इस व्यवस्था की शुरुआत जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किए गए पंचायत भवनों से की गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले की कुल 1734 ग्राम पंचायतों में यह प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी गई है। सबसे अधिक QR Code Union Bank of India की ओर से जारी किए गए हैं। पंचायत भवनों में इस व्यवस्था के संचालन के लिए पंचायत सहायकों की तैनाती पहले ही की जा चुकी है।
ऑनलाइन भुगतान के जरिए प्राप्त होने वाली राशि के लिए Own Source Revenue (OSR) का अलग खाता भी खोला गया है। इस खाते में जमा होने वाली आय का उपयोग सीधे ग्राम विकास कार्यों में किया जाएगा, जिससे पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, निर्धारित शुल्क के तहत अब तक करीब 73 हजार अभिलेख जारी किए जा चुके हैं, जिससे OSR खाते में लगभग 51 लाख रुपये की राशि जमा हुई है।
इस पहल का असर पंचायत भवनों की तस्वीर पर भी दिखने लगा है। जो भवन कभी बदहाली का शिकार थे, उन्हें अब व्यवस्थित और सुसज्जित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पुराने पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार कराया गया है, जबकि कई स्थानों पर नए पंचायत भवनों का निर्माण भी कराया गया है।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था और OSR मॉडल को ग्रामीण प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

