भारत–नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली बस डिपो के सामने अवैध रूप से खड़े प्राइवेट चार पहिया वाहनों ने रोडवेज की व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गोरखपुर, लखनऊ और दिल्ली जैसे प्रमुख रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जबरन या बहला-फुसलाकर निजी वाहनों में बैठा लिया जा रहा है, जिससे परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोनौली बस डिपो के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास की सड़क पर रोजाना बड़ी संख्या में प्राइवेट चार पहिया वाहन खड़े हो जाते हैं। इन वाहनों के चालक रोडवेज बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाते हैं और उन्हें अपने वाहनों में बैठाने का प्रयास करते हैं।
कई मामलों में यात्रियों को यह कहकर गुमराह किया जाता है कि रोडवेज बसें देर से चलेंगी या उनमें सीट उपलब्ध नहीं है। वहीं, कुछ चालक यात्रियों पर दबाव बनाकर उन्हें निजी वाहनों में बैठा लेते हैं। इस कारण न केवल रोडवेज की सवारियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यदि इस पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो रोडवेज बस डिपो की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। वहीं, परिवहन विभाग की ओर से अब तक इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई न होने से अवैध वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं।

