देवी-देवताओं और पहाड़ की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नामजद ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने ज्योति अधिकारी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
इस बीच, ज्योति अधिकारी की कानूनी परेशानी उस समय और बढ़ गई जब उसने आठ जनवरी को मुखानी थाने में बयान दर्ज कराने से पहले इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर वादिनी को कथित तौर पर धमकी दी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने ज्योति अधिकारी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है।
शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर धमकी देने के प्रकरण में मुखानी थाना क्षेत्र के एसआई वीरेंद्र चंद्र ने आरोपी ब्लॉगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। पुलिस के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में ज्योति अधिकारी ने वादिनी को खुले तौर पर ललकारा और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
वीडियो में कथित रूप से ज्योति अधिकारी यह कहते हुए सुनी गई कि यदि हिम्मत है तो सामने आ जाए, और वादिनी पर निजी टिप्पणी भी की। इस खुले धमकी भरे बयान से वादिनी जूही चुफाल काफी डर गई, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखानी थाना पुलिस ने धमकी देने और डराने-धमकाने की धाराओं में ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ अलग से केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

