चकिया–केसरिया पथ पर कैथवलिया में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को विशाल शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। मंदिर परिसर में पेडेस्टर पर 33 फीट ऊंचे और करीब 210 टन वजनी शिवलिंग को स्थापित करने के लिए भोपाल से विशेष क्षमता वाली दो क्रेन मंगाई जा रही हैं। इनमें से एक क्रेन की भार उठाने की क्षमता 750 टन बताई जा रही है।
मंदिर निर्माण समिति के अनुसार, यह अत्याधुनिक क्रेन 13 जनवरी तक मंदिर परिसर में पहुंच जाएगी। शिवलिंग की स्थापना को लेकर तकनीकी तैयारियों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि स्थापना प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
इसी क्रम में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिवलिंग को पेडेस्टर पर स्थापित करने की प्रक्रिया, क्रेन की तैनाती, यातायात प्रबंधन और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिवलिंग स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। विराट रामायण मंदिर में प्रस्तावित यह शिवलिंग स्थापना धार्मिक और स्थापत्य दृष्टि से एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है, जिसे लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह है।

