प्रदेश के किसानों के लिए मौसम ने दोहरी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कोहरा और पाला की वजह से आलू और सरसों की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। आलू की फसल में झुलसा रोग फैल रहा है, जबकि सरसों की फसल माहू के प्रकोप से प्रभावित है। किसानों का कहना है कि यह स्थिति उनकी फसल की पैदावार और आमदनी दोनों को प्रभावित कर रही है।
सब्जियों जैसे टमाटर, मिर्च और केला की खेती को भी मौसम से नुकसान हो रहा है। इसके विपरीत, गेहूं की फसल इस मौसम में लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि कोहरे के चलते इसकी वृद्धि अच्छी हुई है।
जनपद में 35,500 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती की जा रही है। इस बार तिलहन-दलहन का क्षेत्रफल 30,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। कई जगह आलू की फसल में पिछेती झुलसा रोग देखा गया है। इसके कारण पत्तियां सिरे से झुलसना शुरू कर देती हैं और पत्तियों पर भूरे-काले रंग के जलन वाले धब्बे दिखाई देते हैं।
किसानों ने अधिकारियों से अपील की है कि वे इस स्थिति में फसल संरक्षण के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

