उत्तर प्रदेश में सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। यह जानकारी भले ही चौंकाने वाली लगे, लेकिन सौ प्रतिशत सही है।
भीषण ठंड के मौसम में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रदेश के 75 जिलों में केवल चुनिंदा अस्पतालों में ही हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। इसका कारण यह है कि उत्तर प्रदेश में सभी जिलों में विशेषज्ञ तैनात करने का प्रविधान नहीं है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग समय-समय पर जिलों में समुचित चिकित्सा सेवा का दावा करता है, लेकिन हकीकत यह है कि कई जिलों के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं है। इससे मरीजों को उचित समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है, और गंभीर बीमारियों के जोखिम बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में सभी जिलों में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती आवश्यक है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक सेवाएं समय पर मिल सकें।

