पछवादून (उत्तराखंड): वर्ष 2025 के वर्षा काल में बारिश का दौर देर तक जारी रहने और धराली तथा थराली क्षेत्रों में आपदाओं के बावजूद जल विद्युत निगम को इसका सकारात्मक फायदा मिला है। वर्ष 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में नदियों में जल प्रवाह अधिक रहा, जिससे बिजली उत्पादन में इजाफा हुआ और निगम ने अपने उत्पादन लक्ष्य को आसानी से पूरा किया।
अधिकारियों के अनुसार, पछवादून की छह प्रमुख विद्युत परियोजनाओं में दिसंबर में लक्ष्य से अधिक उत्पादन दर्ज किया गया।
पछवादून में प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
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छिबरौ जल विद्युत केंद्र: 240 मेगावाट क्षमता; दिसंबर 2024 में 22.021 मिलियन यूनिट, दिसंबर 2025 में 36.180 मिलियन यूनिट उत्पादन।
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खोदरी जल विद्युत केंद्र: 120 मेगावाट क्षमता।
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ढकरानी जल विद्युत केंद्र: 33.75 मेगावाट क्षमता।
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कुल्हाल जल विद्युत केंद्र: 30 मेगावाट क्षमता।
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व्यासी जल विद्युत केंद्र: 120 मेगावाट क्षमता।
छिबरौ केंद्र में जल प्रवाह दिसंबर 2024 में 40 क्यूमेक था, जो दिसंबर 2025 में बढ़ा। इस कारण बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि देर तक हुई वर्षा ने न केवल आपदाएं तो लाई, लेकिन जल विद्युत उत्पादन केंद्रों के लिए जल संग्रह और उत्पादन क्षमता में वृद्धि का अवसर भी दिया। निगम अधिकारियों ने कहा कि वर्षा और जल प्रवाह का सकारात्मक प्रबंधन परियोजनाओं की सफलता में अहम भूमिका निभाता है।

