उन्नाव मामले की पीड़िता ने सोमवार को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को आवेदन दिया और कहा कि उसकी पहचान उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी निजी पोस्ट और तस्वीरें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रसारित की जा रही हैं ताकि उसे डराया और मानसिक रूप से परेशान किया जा सके।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने सीबीआई निदेशक और आईजी से मुलाकात की, जिन्होंने उनका आवेदन प्राप्त कर मामला संज्ञान में लेने की बात कही। उन्होंने कहा, “अगर मेरे जैसी लड़कियों के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं, तो इसका उद्देश्य उन्हें परेशान करना और डराना है। मेरा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और मुझे अदालत पर भरोसा है कि न्याय होगा। हालांकि, कुलदीप सेंगर के समर्थक इंस्टाग्राम से मेरी तस्वीरें निकालकर अपने अकाउंट पर अपलोड कर मेरी पहचान उजागर करने और मुझे नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।”
पीड़िता का यह आवेदन सोशल मीडिया पर मानसिक उत्पीड़न और निजता के उल्लंघन के मामलों पर कानून की भूमिका पर ध्यान आकर्षित करता है। जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

