प्रदेश में मैनुअल वाहन फिटनेस जांच बंद, अब ATS से होगी 23 लाख वाहनों की टेस्टिंग
प्रदेशभर में व्यावसायिक वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच सोमवार से पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब राज्य में पंजीकृत 23 लाख से अधिक व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच केवल निजी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही की जाएगी।
परिवहन विभाग की नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस से जोड़ा गया है। वाहन स्वामी जब ऑनलाइन फिटनेस स्लाट बुक कर रहे हैं, तो उन्हें स्वतः उनके नजदीकी एटीएस का ही स्लॉट आवंटित किया जा रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में पहले ही राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। मंत्रालय की ओर से 14 नवंबर 2024 और 1 अप्रैल 2025 को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र भेजकर स्पष्ट किया गया था कि वाहनों की फिटनेस जांच केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर पर ही कराई जाए।
इसके बाद 17 नवंबर को एक और पत्र जारी कर निर्देश दिया गया कि 1 जनवरी से एटीएस के माध्यम से ही वाहन फिटनेस की प्रक्रिया लागू की जाए। इसी क्रम में अब प्रदेश में मैनुअल जांच व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और नई प्रणाली को लागू कर दिया गया है।
परिवहन विभाग का कहना है कि ऑटोमेटेड फिटनेस जांच से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना भी कम होगी।

