रिम्स (RIMS) की जमीन पर हुए अतिक्रमण मामले में अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल निगरानी एवं सचिवालय विभाग के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 5 जनवरी को रिम्स की जमीन से जुड़े अतिक्रमण मामले में एफआईआर दर्ज की। फिलहाल यह प्राथमिकी अज्ञात बिल्डर और अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक साजिश के तहत रिम्स की जमीन का अवैध रूप से निबंधन और म्यूटेशन कराया गया। इस पूरे प्रकरण में सरकारी भूमि से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी किए जाने का संदेह जताया गया है।
गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद हाल ही में प्रशासन ने रिम्स की जमीन पर बने चार मंजिला मकान समेत अन्य अवैध अतिक्रमणों को हटाया था। इसके बाद इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग लगातार उठ रही थी।
अब एसीबी द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद इस प्रकरण में शामिल लोगों पर शिकंजा कसने की उम्मीद बढ़ गई है। जांच एजेंसी द्वारा दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

