जनपद को सहकारिता विभाग की ओर से 20 नई सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य आवंटित किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके गांव के समीप ही खाद, बीज और अन्य कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें दूर-दराज भटकना न पड़े।
निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष विभाग ने अब तक 17 नई सहकारी समितियों का गठन कर लिया है। समितियों के गठन के बाद उनके संचालन को प्रभावी बनाने के लिए खाद बिक्री से संबंधित लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस क्रम में पांच समितियों को इफ्को खाद की बिक्री का लाइसेंस भी प्राप्त हो चुका है।
सहकारिता विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जनपद में कुल 17 नई बी-पैक्स (बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों) का गठन किया गया है। इनमें कोठा जागीर, मानपुर ओझा, मझरा हसन, दुबावट और एचोरा स्थित समितियों को इफ्को खाद की बिक्री की अनुमति मिल गई है।
इन समितियों के लिए आवश्यक भवन और आधारभूत ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। लाइसेंस मिलने के बाद अब किसानों को गांव स्तर पर ही खाद उपलब्ध हो सकेगी, जिससे खेती की लागत और समय दोनों की बचत होगी।

