साल 2026 की शुरुआत भारत के पड़ोसी देशों के लिए निर्णायक साबित होने जा रही है। बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल तीनों ही गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं।
कहीं चुनावी व्यवस्था पर सवाल, तो कहीं सेना का वर्चस्व बढ़ना, और कहीं बेरोजगार तथा गुस्साई युवा पीढ़ी सड़कों पर उतरी हुई है। इस अस्थिरता का प्रभाव केवल इन देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सुरक्षा, कूटनीति और क्षेत्रीय भूमिका पर भी सीधे असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति अब तक की सबसे कठिन परीक्षा से गुजर रही है। क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत को समीक्षात्मक और संतुलित कदम उठाने होंगे।

