मशरूम उत्पादन में नवाचार कर निहारिका बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, सैकड़ों महिलाओं को दिया रोजगार

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आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा से लेकर खेती-किसानी तक, महिलाएं अपनी मेहनत और नवाचार के दम पर नई पहचान बना रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर की रहने वाली निहारिका की, जिन्होंने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार कर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि लाखों रुपये की आय का स्रोत भी विकसित किया है।

निहारिका ने मशरूम की वैज्ञानिक खेती को अपनाकर इसे एक सफल उद्यम के रूप में स्थापित किया। उनके इस प्रयास ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत तो बनाया ही, साथ ही उन्होंने अब तक 500 से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य भी किया है। निहारिका के मार्गदर्शन में कई महिलाएं आज मशरूम उत्पादन के जरिए अपनी आजीविका चला रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मशरूम उत्पादन में उनकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव को देखते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) के तहत निहारिका को प्रशिक्षक के रूप में चयनित किया गया है। इसके अंतर्गत उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाता है, जहां वे महिलाओं और किसानों को मशरूम की उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी देती हैं।

निहारिका की यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी प्रभावी उदाहरण है।

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