मधुबनी में करोड़ों का हाइटेक फील्ड अस्पताल बना स्टोर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
बिहार के मधुबनी जिले में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वातानुकूलित फील्ड अस्पताल आज अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में इसका उपयोग इलाज के बजाय स्टोर के रूप में किया जा रहा है। इस स्थिति को देखकर स्थानीय लोग हैरान हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि जनस्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए खर्च की गई थी, लेकिन उसका वास्तविक लाभ आम मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जिस परियोजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा था, वही अब प्रशासनिक विफलता की मिसाल बनती जा रही है।
सदर अस्पताल परिसर के मुख्य गेट के सामने बनाए गए इस 50 बेड वाले हाइटेक फील्ड अस्पताल में अब तक मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो सका है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह यूनिट धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होती जा रही है। विडंबना यह है कि दूसरी ओर सदर अस्पताल के कई वार्ड आज भी पुराने और जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों को सीमित सुविधाओं में इलाज कराना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन का कहना है कि यदि समय रहते इस हाइटेक फील्ड अस्पताल को पूरी तरह से चालू कर दिया जाता, तो इससे न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकता था, बल्कि सदर अस्पताल पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकता था।

