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27 रोचक और ऐतिहासिक जानकारियां मुजफ्फरपुर के बारे में, नामाकरण से स्मार्ट सिटी बनने तक
उत्तर बिहार की अघोषित राजधानी कहा जाने वाला मुजफ्फरपुर आज 151 वर्षों का सफर पूरा कर चुका है। आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से यह जिला बिहार के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में शामिल है। आइए जानते हैं मुजफ्फरपुर से जुड़ी वे रोचक बातें जो इसे खास बनाती हैं:-
नामकरण और प्रशासनिक इतिहास
- नामकरण: 18वीं सदी में राजस्व पदाधिकारी मुजफ्फरपुर खान के नाम पर शहर का नाम पड़ा।
- जिला गठन: वर्ष 1875 में मुजफ्फरपुर अलग जिला बना, इससे पहले यह तिरहुत प्रमंडल का हिस्सा था।
- पहला कलेक्ट्रेट: महिला शिल्प कला भवन कॉलेज के पुराने भवन में कलेक्ट्रेट था।
- 1934 का भूकंप: भूकंप के बाद कलेक्ट्रेट को कंपनीबाग में स्थानांतरित किया गया।
स्मार्ट सिटी तक का सफर
- नगर पंचायत: 1864 में नगर पंचायत का गठन, तब आबादी मात्र 22 हजार थी।
- नगर परिषद: 1926 में नगर परिषद बनी।
- नगर निगम: 1981 में नगर निगम का दर्जा मिला।
- पहला मेयर चुनाव: 2002 में पहला नगर निगम चुनाव, समीर कुमार बने पहले महापौर।
- प्रत्यक्ष मेयर चुनाव: 2022 में पहली बार जनता ने सीधे मेयर चुना।
- वर्तमान नेतृत्व: निर्मला देवी (महापौर) और डॉ. मोनालिसा (उपमहापौर)।
- ग्रेटर मुजफ्फरपुर: 2027 तक 72 वार्ड, क्षेत्रफल 53 वर्ग किमी और आबादी 5 लाख से अधिक होने की संभावना।
लीची से लेकर उद्योग तक
- विश्व प्रसिद्ध लीची: मुजफ्फरपुर की लीची दुनियाभर में मशहूर।
- केंद्रीय लीची अनुसंधान संस्थान शहर की सीमा पर स्थित।
- सूतापट्टी व इस्लामपुर: कपड़ा और चूड़ी मंडी देश में नामी।
- औद्योगिक क्षेत्र: बेला और मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र।
- एनटीपीसी कांटी: प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र।
- पताही हवाई अड्डा जिले में स्थित।
शिक्षा और संस्कृति का केंद्र
- शैक्षणिक हब: बाबा साहब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय।
- प्रथम राष्ट्रपति से नाता: डॉ. राजेंद्र प्रसाद से ऐतिहासिक जुड़ाव।
- देश का दूसरा दूरदर्शन केंद्र यहीं स्थापित हुआ।
- MIT और SKMCH: इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा के प्रमुख संस्थान।
रेल, सड़क और सुरक्षा
- रेल इतिहास: 1886 में रेल परिचालन शुरू, आज 23 पटरियों वाला जंक्शन।
- राष्ट्रीय राजमार्ग: चारों ओर से फोरलेन NH से जुड़ा जिला।
- सुरक्षा बल: CRPF ग्रुप केंद्र, SSB मुख्यालय, BMP-6 व जाट रेजिमेंट की छावनी।
स्वतंत्रता और आस्था
- क्रांतिकारी धरती: खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने यहीं पहला बम फोड़ा।
- गांधी स्मृतियां: चंपारण सत्याग्रह से पहले गांधीजी का ठहराव, गांधी कूप व हृदय स्थल।
- धार्मिक स्थल: बाबा गरीबनाथ धाम और दाता कंबल शाह मजार।

