राधावल्लभ मंदिर में चल रहे खिचड़ी उत्सव में इन दिनों में आस्था का ऐसा रंग बरस रहा है, जिसमें डूबने को ठिठुरन भरी सर्दी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह छह बजे से ही मंदिर में भीड़ का दबाव बनने लगा है।
खिचड़ी उत्सव में ठाकुर राधावल्लभलाल प्रतिदिन अलग अलग रूपों में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। ऐसे में ठाकुरजी के विलक्षण दर्शन के लिए मंदिर में सुबह ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। सोमवार को जब मंदिर के पट खुले तो नाविक के रूप में ठाकुर राधावल्लभलाल के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु आल्हादित हो उठे।
खिचड़ी उत्सव में हर दिन बदल रहे ठाकुरजी अपना रूप
श्रीहित हरिवंश महाप्रभु द्वारा स्थापित ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में तीन सौ वर्ष पुरानी खिचड़ी उत्सव की परंपरा बड़े ही उल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है। खिचड़ी उत्सव सुबह छह बजे सेवायतों द्वारा पदगायन के साथ शुरू हो रहा है। तो उत्सव में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालु मंदिर में डेरा डाल देते हैं। सुबह सात बजे जब मंदिर में मंगला आरती होती है तो उत्सव में ठाकुरजी प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं।

