शहर की जलभराव समस्या के स्थाई समाधान और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संचालित मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, अर्बन (सीएम ग्रिड) के कार्यों में अब तेजी आएगी।
शनिवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी कि सीएम ग्रिड फेज-1 के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों को फरवरी 2026 तक हर हाल में पूरा कर लें। साथ ही फेज-2 की परियाेजनाओं का काम एक साथ शुरू करें, ताकि परियोजना अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न हो सके।
शनिवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा के साथ सीएम ग्रिड फेज-1 और फेज-2 की परियोजनाओं का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त का मुख्य फोकस नालों के बेड लेवल पर रहा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जल निकासी की सफलता नालों के सटीक ढाल पर टिकी है, इसलिए तकनीकी मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यूनिवर्सिटी चौराहा से गणेश चौक और गणेश चौक से विजय चौक तक निर्माणाधीन नालों का बारीकी से निरीक्षण किया। कहा कि नालों के बेड लेवल को पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप दुरुस्त किया जाए ताकि पानी का बहाव प्राकृतिक ढाल के साथ बना रहे।साथ ही कहा कि यूनिवर्सिटी चौराहा तक जल निकासी को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार तत्काल किए जाएं। जलभराव रोकने के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि नालों में कहीं भी पानी का ठहराव न हो।
गुणवत्ता से समझौता करने पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोपरि है। विकास कार्यों में सामग्री की गुणवत्ता और इंजीनियरिंग मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने और कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि जनता को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।

