हिमाचल और कश्मीर में बर्फबारी से झूमे पर्यटक, यूपी-ंपंजाब में घना कोहरा; दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ा

2.5kViews
1584 Shares

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों के मौसम को प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे दर्रों में ताजा हिमपात हुआ है, जिससे पर्यटक उत्साहित हैं, वहीं मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मौसम विभाग ने नए साल पर कश्मीर में बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे पर्यटन स्थलों के गुलजार होने की उम्मीद है।

हिमाचल: रोहतांग और बारालाचा में हिमपात

हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रे में ताजा हिमपात हुआ, जिसे देखकर पर्यटक झूम उठे। हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया। अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर ही पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखा, जबकि निचले इलाकों में अधिकतर स्थानों पर बादल छाए रहे। शिमला, कुफरी और मनाली में भी बादलवाही रही।

कोहरे का कहर और स्कूलों का समय बदला

बिलासपुर और मंडी जिलों में सुबह के वक्त घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। मौसम विभाग ने हिमाचल के निचले व मैदानी क्षेत्रों में 27, 28 व 29 दिसंबर के लिए घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऊना में कोहरे के चलते स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का समय बदल दिया गया है; अब वे सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित होंगे।

कश्मीर: नए साल पर बर्फबारी की उम्मीद

कश्मीर घाटी में शुक्रवार को दिनभर मौसम खुला रहा, लेकिन शीतलहर जारी रही। मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि नव वर्ष पर श्रीनगर समेत घाटी के अधिकांश निचले इलाकों में बर्फबारी का तोहफा मिल सकता है, जिससे पर्यटन स्थलों पर रौनक बढ़ने की संभावना है।

उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और अन्य मैदानी इलाकों की स्थिति

उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में भी तीन दिन के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के कारण देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह के समय घने कोहरे की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में, एक्यूआई गिरकर 332 पर पहुंचा

दो दिनों की संक्षिप्त राहत के बाद, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में 332 पर पहुंच गई, जिसमें कई निगरानी स्टेशनों ने ‘गंभीर’ प्रदूषण स्तर दर्ज किया।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 332 रहा, जो इसे बहुत खराब श्रेणी में ले गया, जबकि गुरुवार को यह 234 और एक दिन पहले इसी समय 271 दर्ज किया गया था।

शहर में कुल 40 में से 38 कार्यरत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों में से आठ स्टेशनों ने 400 से ऊपर AQI रीडिंग के साथ गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज की।इनमें आनंद विहार, बावना, डीटीयू, जहांगीरपुरी, नरेला, नेहरू नगर, रोहिणी और विवेक विहार शामिल थे। सीपीसीबी के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, 20 स्टेशन बेहद खराब श्रेणी में थे, जबकि नौ स्टेशनों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *