इस मामले में स्केटिंग खेल मैदान समिति के सह-संयोजक आलोक त्रिपाठी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो-फोटो के बाद आयोजकों और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।