हरियाणा सरकार की हाईवे पर फोरलेन बनाने की बाधाएं दूर, NHAI ने तैयार की DPR; एनसीआर के लोगों को मिलेगा फायदा

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केंद्र की मोदी और हरियाणा की नायब सरकार द्वारा स्वीकृति तथा धनराशि देने के बाद भी राज्य में आधा दर्जन से अधिक हाईवे ऐसे हैं, जिन्हें फोर लेन बनाने में कई माह से बाधा आ रही है। सबसे बड़ी अड़चन वन विभाग की जमीन और उस पर खड़े पेड़ हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इन सड़कों को हाईवे की श्रेणी में रखकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है।

कुछ पर काम भी आरंभ कर दिया गया है, लेकिन फोरलेन करने के जितनी जगह चाहिए, वह कई हिस्सों में वन विभाग की है। पीडब्ल्यूडी विभाग के जरिए एनएचएआइ ने नियमावली के तहत एनओसी भी मांगी पर वन विभाग ने अभी तक एनओसी नहीं दी है, जिसके चलते निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ और बढ़ते ट्रैफिक दबाव से आने-जाने वाले लोग तथा वाहन चालक परेशान हैं।

हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद तथा बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने निर्माण कार्य अभी तक चालू नहीं होने का मुद्दा सरकार के सामने उठाया।

इन मार्गों को किया जाएगा फोरलेन

नूंह से बिलासपुर स्थित दिल्ली-जयपुर हाईवे निकलकर गुरुग्राम-पटौदी हाईवे को जोड़ते हुए रेवाड़ी-रोहतक हाईवे नंबर 71 पर कुलाना के पास तक बनने वाले हाईवे का निर्माण नहीं हो पा रहा है। विधायकों ने कहा कि इस मार्ग को फोर लेन नहीं करने से बिलासपुर, पटौदी, हेलीमंडी तथा अन्य जगहों पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। लोग परेशान होते हैं। इसे तुरंत बनवाया जाए। इसी तरह नूंह-अलवर तथा नूंह होडल- पलवल तथा हथीन-नूंह मार्ग को भी फोरलेन किया जाना है।

इसके अलावा हिसार तथा सिरसा में भी कई मार्ग फोर लेन होने हैं, लेकिन सभी को चौड़ा करने में वन विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिलने से निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। पुन्हाना से होडल मार्ग भी चौड़ा नहीं किया जा सका है। क्षेत्र के विधायकों की मांग पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह को सलाह दी थी कि वह वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करें जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारी भी रहें।

तीन दिनों में बैठक की तारीख की जाएगी तय

उनकी सलाह को वन मंत्री ने स्वीकार कर लिया है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि अगले सप्ताह इस अड़चन को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। निर्माण कार्य में जो भी बाधा आ रही है, उसे दूर कर दिया जाएगा। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग और एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी मौजूद रहेंगे। अगले दो से तीन दिनों में बैठक की तिथि और जगह तय हो जाएगी।

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