प्रदेशभर में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कर्मचारियों की पिछले तीन माह से सैलरी नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सैलरी न आने से करीब आठ हजार से अधिक कर्मचारी और उनके परिवार परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आनलाइन पोर्टल पर कर्मचारियों का डाटा अपडेट न होने के कारण वेतन अटका हुआ है, लेकिन इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत एचकेआरएन कर्मचारियों ने सैलरी न मिलने को लेकर रोष जताते हुए सरकार से जल्द भुगतान की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने चुनाव के समय भाजपा सरकार को मां-बाप समझकर वोट दिया था, लेकिन आज वही कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझने को मजबूर हैं।
हालात यह हैं कि बच्चों की स्कूल फीस, घर का राशन और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जब आम लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, उस समय एचकेआरएन के कर्मचारी पूरी निष्ठा से ड्यूटी पर तैनात रहे और कोरोना पीड़ितों की सेवा की।
इसके बावजूद आज उन्हें समय पर सैलरी तक नहीं मिल रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एचकेआरएन कर्मचारी प्रधान दीपक तंवर ने कहा कि तीन माह बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों के खातों में एक भी रुपये की सैलरी नहीं आई है। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सैलरी का भुगतान नहीं किया गया तो एचकेआरएन कर्मचारी प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को जल्द दूर कर बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।

