कॉलेज-विश्वविद्यालयों में आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात

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UP stray dog management: प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कालेज परिसरों में बढ़ते आवारा कुत्तों से बचाव के लिए कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद विश्वविद्यालयों और कालेजों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, जो परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की सीधी जिम्मेदारी निभाएंगे।

यूजीसी ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि सात नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों से हो रही घटनाओं पर चिंता जताई थी।

इसके तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाने होंगे। निर्देशों के अनुसार हर विश्वविद्यालय और कालेज में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा कुत्तों की आवाजाही पर लगातार नजर रखेगा।

नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर संस्थान के मुख्य द्वार पर साफ तौर पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही इसकी जानकारी संबंधित नगर निकाय को भी दी जाएगी। यूजीसी ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

इन सत्रों में जानवरों के पास सुरक्षित व्यवहार, कुत्ते के काटने पर प्राथमिक उपचार और घटना की तुरंत सूचना देने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। खेल मैदानों और स्टेडियम परिसरों में 24 घंटे निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए सुरक्षा या ग्राउंड स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

एनिमल वेलफेयर सोसायटी से जुड़े दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पहले की तरह लागू रहेंगे। इस क्रम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में दो नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं।

साथ ही संबद्ध प्रदेश के सभी 750 कालेजों को भी नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। परिसर में आवारा कुत्तों पर नियमित निगरानी होगी। यदि किसी कर्मचारी या आवासीय परिसर में किसी ने कुत्ता पाला है, तो उसका टीकाकरण अनिवार्य होगा और उसे घर या निर्धारित बाड़े में ही रखना होगा, ताकि छात्रों कीसुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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