कमरे में रखी अंगीठी से चारपाई में लगी आग, खुद को बचा भी नहीं सकी महिला; जिंदा जली

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बभनी थाना क्षेत्र के चक चपकी कारीडांड गांव में बुधवार की देर रात 70 वर्षीय वृद्ध महिला की अंगीठी की आग से झुलसकर मौत हो गई। मृतका की पहचान राजकुंवर गोंड के रूप में हुई है।

स्वजन के अनुसार, राजकुंवर को दो दिन पूर्व लकवा मार गया था, जिससे वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं। ठंड से बचाव के लिए वह घर के अंदर चारपाई पर पुआल और बिस्तर डालकर सो रही थीं। चारपाई के पास ही अंगीठी जल रही थी।

आशंका जताई जा रही है कि रात में किसी समय अंगीठी की चिंगारी बिस्तर तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। असहाय अवस्था में वृद्ध महिला चारपाई पर ही जिंदा जल गई। घर के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे।

धुएं की गंध महसूस होने पर जब वे कमरे में पहुंचे तो आग की लपटें देख सन्न रह गए। आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्वजन की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल मौर्य ने गुरुवार सुबह बभनी पुलिस को जानकारी दी। प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि मृतका के पुत्र रामजीत की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को अंत्य परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा जा रहा है।

ठंड में अंगीठी बन सकती है जानलेवा, ऐसे बरतें सावधानी

  • बंद कमरे में अंगीठी न जलाएं, हवा के आवागमन की उचित व्यवस्था रखें
  • सोते समय अंगीठी को बिस्तर या चारपाई के पास न रखें
  • पुआल, कंबल, गद्दे जैसे ज्वलनशील सामान अंगीठी से दूर रखें
  • बुजुर्ग, बीमार या असहाय व्यक्ति के पास अंगीठी जलाकर अकेला न छोड़ें
  • संभव हो तो अंगीठी के स्थान पर सुरक्षित हीटर या गर्म कपड़ों का प्रयोग करें
  • बच्चों और बुजुर्गों की रात में विशेष निगरानी रखें

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