चीन में खुला दुनिया का सबसे बड़ा कार सेफ्टी सेंटर, 2,350 करोड़ की लागत से बनकर हुआ तैयार

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वाहनों की सुरक्षा और परीक्षण के लिए चीन के निगंबो शहर में एक सेंटर खोला गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा व्हीकल टेस्टिंग सेंटर बन गया है। चीन में खुला यह केंद्र 45,000 वर्ग मीटर में फैला है।

चीन की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी गीली ऑटो ग्रुप ने इस टेस्टिंग सेंटर को खोला है. इस सेंटर को बनाने में करीब 2 अरब युआन का निवेश किया गया है, जो कि भारतीय मुद्रा में 2,350 करोड़ रुपये के करीब है।

गीली ऑटो ग्रुप का कहना है कि ये सेंटर इलेक्ट्रिक और इंटेलीजेंट वाहनों के लिए नई सुरक्षा तकनीकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

वाहनों के लिए नए सेफ्टी फीचर्स

चीन में खुले इस सेफ्टी सेंटर में वाहनों के हाई-स्पीड फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही इस सेंटर में क्रैश टेस्ट और पैदल यात्री सुरक्षा जांच भी किया जा सकेगी। इन टेस्टिंग के जरिए ये देखा जाएगा कि बाजार में आने से पहले वाहन हर मुश्किल स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने में कामयाब साबित हो रहा है या नहीं।

गीली ऑटो ग्रुप के बनाए इस निरीक्षण केंद्र का काम है कि यहां गाड़ियों की सही तरीके से जांच की जाए। वाहन की टक्कर की समय एयरबैग समय पर खुलेंगे या नहीं, सीट बेल्ट की मजबूती से लेकर ऑटोमेटिक सेफ्टी फीचर्स तक सभी की जांच, इस केंद्र में की जाएगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से बढ़ी टेंशन

दुनियाभर में आज के समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड बढ़ती जा रही है। इलेक्ट्रिक और स्मार्ट वाहनों ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी नई चुनौतियां खड़ी की हैं।

आज के समय में सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए केवल बॉडी स्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी, सॉफ्टवेयर की जांच भी जरूरी हो गई है। गाड़ियों में सेंसर्स, ऑटोमेटिक ड्राइविंग सिस्टम के साथ ही साइबर सिक्योरिटी की जांच भी जरूरी हो गई है।

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