राजस्थान का टूर प्लान बनाने वाले जयपुर से जोधपुर और उदयपुर घूमकर वापस आ जाते हैं और यहां के एक शांत शहर को नजरअंदाज कर देते हैं। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का यह एक छोटा सा शहर है, उदयपुर से मुश्किल से चार घंटे की दूरी पर फिर भी यहां बहुत कम टूरिस्ट पहुंचते हैं। ऐसा इसलिए नहीं कि इसमें इतिहास या खूबसूरती की कमी है, बल्कि इसलिए इसका प्रचार कम होता है।
बूंदी चुपचाप अपनी राह चलने वाला एक शांत शहर है। इसके खूबसूरत किले पुराने हो रहे हैं, बावड़ी आज भी हैरान करती हैं और इसकी गलियों में बनावटीपन नहीं बल्कि जिंदगी दिखती है। जो टूरिस्ट बिना भीड़ वाले राजस्थान को देखना चाहते हैं और बिना दिखावे के विरासत का अनुभव करना चाहते हैं, उनके लिए बूंदी एक बहुत ही सुकून भरा ठहराव देता है।
क्यों करनी चाहिए बूंदी की यात्रा?
बूंदी उदयपुर के इतना पास है कि वहां जाना आसान है, यह बिल्कुल अलग राजस्थान का एहसास कराता है। यहां झीलें छोटी हैं, पहाड़ पास हैं, सड़कें पतली हैं। यहां जिंदगी धीमी गति से चलती है। दुकानें जब मन करता है तब बंद हो जाती हैं। बातचीत लंबी चलती है। दोपहर लंबी लगती है।

