मालूम हो कि इस अधिनियम में धोखे से सामूहिक मतांतरण करवाने पर 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान किया गया है। वहीं, धोखाधड़ी से किसी एक व्यक्ति का मतांतरण करवाने पर 14 साल तक की सजा का प्रविधान किया गया है।