पुलिस ने नामजद चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरांत 18 सितंबर 2019 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत में पहुंचा। सोमवार को न्यायाधीश प्रमोद कुमार गुप्ता ने दोष सिद्ध होने पर शेरपाल, विमलेश, भारत और जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वादी अधिवक्ता शाकिर अली ने बताया कि न्यायाधीश ने 50 प्रतिशत अर्थदंड मृतक के वारिसान को देने के आदेश दिए हैं।