स्थानीय बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर ‘भिखारी ठाकुर रंग जलसा-2025’ की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के बैनर तले आयोजित बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ रंगकर्मी साधना श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी आयोजन पूरी तरह से भिखारी ठाकुर के प्रसिद्ध नाटक ‘बिदेसिया’ पर केंद्रित होगा।
समिति ने तय किया है कि पूरे कार्यक्रम का संचालन भोजपुरी भाषा में ही किया जाएगा ताकि अपनी माटी की खुशबू बरकरार रहे।
मंच से अश्लील गायकी को पूरी तरह दरकिनार रखा जाएगा। इसके स्थान पर डोमकच, राह बाबा की पूजा का कथा सार और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति से समां बांधा जाएगा।
बैठक में तय हुआ कि डॉ. जया जैन के सौजन्य से बस पड़ाव के मुख्य द्वार पर नवनिर्मित लोक कलाकार भिखारी ठाकुर स्मृति द्वार का उद्घाटन महापौर एवं अन्य अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से कराया जाएगा। विधान पार्षद राधा चरण साह के कोष से सांस्कृतिक मंच पर हुए ढलाई कार्य और सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा की गई।
बैठक में डॉ. अनिल सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी अंबुज कुमार, डॉ. जया जैन, कृष्ण प्रताप सिंह, कमलेश पांडेय, यू.के. सुमन, स्वामी विक्रमादित्य, नारद मुनि तिवारी, प्रीतपाल सिंह, रंगकर्मी रंजन यादव, अशोक पासवान, डॉ. आर.सी. भूषण आदि मौजूद थे।

