NC के बागी सांसद रुहुल्ला का एलान, ’20 दिसंबर तक हल नहीं हुआ आरक्षण का मुद्​दा तो CM Omar के घर के बाहर खड़े होंगे’

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने एक बार फिर आरक्षण नीति के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह मामला जल्द हल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर 20 दिसंबर को संसद का सत्र समाप्त होने तक यह मामला हल नहीं हुआ तो वह एक बार फिर छात्रों के साथ मुख्यमंत्री के घर के बाहर खड़े नजर आएंगे जिस तरह बीते वर्ष वह पीड़ित युवाओं के संग खड़े थे।

आपको बता दें कि आगा सैयद रुहुल्ला ने गत 23 दिसंबर को जम्ू कश्मीर में आरक्षण नीति को युक्ति संगत बनाने और आरक्षण कोटे को अधिकत 50 प्रतिशत तक ही सीमित रखने की मांग के साथ मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरना दिया था। आगा रुहुल्ला ने आज एक बयान में कहा कि आरक्षण नीति को लेकर जारी अनिश्चितता की स्थिति चिंताजनक है। इससे युवा हताश हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर के युवाओं को विशेषकर छात्रों के प्रभावित करने वाले इस मामले जल्द हल किया जाना चाहिए।

युवाओं की तकलीफ़ और निराशा को समझने

आगा सैयद रुहुल्ला ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों को युवाओं की ‘तकलीफ़ और निराशा को समझने’ में क्या लगेगा। लगातार देरी ‘पूरी युवा पीढ़ी का दम घोंट रही है और उन्हें हाशिए पर धकेल रही है। उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की सीटों पर दाखिले को लेकर पैदा विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे सरकार की आंखे खुलनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्ष सरकार ने आरक्षण नीति संबंधी मामले को छह माह में हल करने का यकीन दिलाया था,लेकिन वह छह महीने एक साल में बदल गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि बडगाम विधानसभा चुनाव से पहले, अधिकारियों ने और निर्वाचित सरकार ने दावा किया था कि मामला कुछ दिनों में हल हो जाएगा, ‘लेकिन वे कुछ दिन अब एक महीने से ज़्यादा हो रहे हैं।

मुझे नहीं लगता कि यह मामला जल्द सुलझाया जाएगा

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह मामला जल्द सुलझाया जाएगा। अगर सुलझा भी लिया जाता है तो जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई मुश्किल है। सरकारी विभागों में नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरु हो चुकी है,लेकिन आरक्षण नीति को युक्तिसंगत बनाने के मामले पर कोई पहलकदमी नहीं हो रही है।

नेशानल कान्फ्रेंस के बागी सांसद ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या किसी का निजि अहं आड़े आरहा है औरक्या पूरी पीढ़ी को इसलिए सज़ा दी जा रही थी क्योंकि वह (आगा रुहुल्ला) उनके लिए आवाज़ उठा रहे थे। मेहदी ने कहा कि वह एक महीने के लिए इस मामले से खुद को अलग कर लेंगे ताकि उन्हें रुकावट के तौर पर न देखा जाए और उन्होंने सरकार से छात्रों से मिलकर इस मुद्दे को समझदारी से सुलझाने की अपील की।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 20 दिसंबर को संसद सत्र खत्म होने के बाद भी यह मुद्दा नहीं सुलझा, तो वह फिर से छात्रों के साथ ठीक उसी तरह धरना देंगे जैसे बीते वर्ष दिसंबर में मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरना दिया गया था।

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