बदायूं में कृषक वीरेंद्र कुमार की मौत अब हादसा नहीं बल्कि हत्या साबित हुई है। पुलिस के अनुसार, धूम सिंह, उसके चार भाइयों समेत कुल सात आरोपितों ने पहले से ही वीरेंद्र की हत्या की षड्यंत्र योजना बना रखी थी।
हत्या की साजिश:
आरोपितों ने नई पंच कार खरीदी और योजना के तहत वीरेंद्र को कार से कुचलने का प्रयास किया। जब उन्हें लगा कि वे जीवित हैं, तो आरोपितों ने डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। पुलिस ने डंडों की जांच और गवाहों के हवाले से आरोपितों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तारी और मुठभेड़:
शनिवार रात को मुठभेड़ में धूम सिंह और आकाश गिरफ्तार हुए। रविवार को विजय सिंह और धीर सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब तीन अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
हत्या का कारण:
इस्माइलपुर मेवड़ी निवासी वीरेंद्र कुमार ने अपने परिचित अनार सिंह का ट्रैक्टर एक कंपनी में लगवाने का आश्वासन दिया था। नौ महीने पहले गाजियाबाद जाते समय अनार सिंह की हादसाधीन मौत हो गई थी। धूम सिंह और उसके भाइयों को शक था कि वीरेंद्र ने अपने बहनोई अनार सिंह की हत्या कराई थी। इसी शक और बदले की भावना के चलते आरोपितों ने वीरेंद्र की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस अब इस मामले में सभी फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और जांच तेज़ कर रही है, ताकि मामले में सभी पहलुओं का खुलासा किया जा सके।

