BJP विधायक दल ने सम्राट को चुना नेता, कल 11.30 बजे नीतीश लेंगे CM पद की शपथ लेंगे, पीएम मोदी रहेंगे मौजूद

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बिहार में नई सरकार के गठन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान में शपथ लेंगे। यह समारोह खास होगा, क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इसकी पुष्टि की है।

इधर, बुधवार को एनडीए की ओर से सरकार गठन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। इसी क्रम में भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी कार्यालय में बुलाई गई है।

बैठक में विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। इसके लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।

केशव प्रसाद मौर्य को बनाया गया था पर्यवेक्षक

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सह-पर्यवेक्षक के रूप में पटना पहुंच चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी विधायक दल के नेता चुने गए हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद जदयू के साथ बातचीत और फिर NDA की संयुक्त बैठक आयोजित होगी।

दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में NDA विधायक दल की बैठक होगी। इसमें भाजपा, जदयू, लोजपा (आर), हम और आरएलएम के कुल 202 विधायक उपस्थित रहेंगे।

बैठक में नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।

नीतीश शाम तक राज्यपाल को सौंपेंगे इस्तीफा

इस बैठक में सभी दलों द्वारा चुने गए विधायक दल के नेताओं के प्रस्तावों पर चर्चा होगी और अंततः NDA की ओर से नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद शाम तक वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और दूसरी ओर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

इधर, पटना में राजनीतिक हलचल के बीच चिराग पासवान के समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है, ‘बिहार का शेर’. इससे राजधानी में सियासी माहौल और भी गर्म हो गया है।

अमित शाह आज पहुंचेंगे पटना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज पटना पहुंच रहे हैं। उनके आगमन को NDA की रणनीतिक बैठकों और मंत्रिमंडल के भावी स्वरूप को अंतिम रूप देने की तैयारी माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, शपथ ग्रहण से एक दिन पहले पटना की राजनीतिक गतिविधियों ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, और सभी की नजरें NDA के फैसलों पर टिकी हैं।

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