“डायबिटीज से हड्डियां भी कमजोर! कारण, लक्षण और उपाय”

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अगर डायबिटीज नियंत्रण में नहीं रहती है तो इसका असर सिर्फ किडनी, हार्ट और आंखों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हड्डियों और जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों में हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में डायबिटीज न्यूरोपैथिक आर्थ्रोपैथी यानी Charcot joint जैसी समस्या भी पैदा कर सकती है।

दिल्ली के एंडोक्रोनॉलजी विभाग में एचओडी डॉ. निखिल टंडन के मुताबिक, Charcot joint तब होता है जब नर्वस सिस्टम में खराबी के कारण जोड़ प्रभावित हो जाते हैं। इसमें जोड़ सुन्न महसूस होते हैं, झुनझुनी होती है और हल्की चोट पर भी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। डॉ. निखिल बताते हैं कि यह हर डायबिटीज मरीज में नहीं होती, लेकिन जिनका शुगर लेवल नियंत्रित नहीं है और उम्र 45 वर्ष से अधिक है, उनके लिए जोखिम अधिक रहता है।

डायबिटीज से हड्डियां कमजोर क्यों होती हैं?
डॉ. निखिल के अनुसार, हाई ब्लड शुगर Osteoblast सेल्स की सक्रियता कम कर देता है। ये सेल्स नई हड्डी बनाने में मदद करते हैं। ग्लूकोज की अधिकता से बोन फॉर्मेशन धीमा हो जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। लंबे समय तक उच्च शुगर लेवल के कारण क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन और नर्व डैमेज का भी खतरा बढ़ जाता है।

किन लक्षणों पर नजर रखें

हल्की चोट में बार-बार दर्द होना

हल्की चोट में फ्रैक्चर होना

चोट का जल्दी न भरना

जोड़ में लगातार दर्द

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