गोसाईंगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने प्रसूता के गर्भाशय में गॉज पैड भूल से छोड़ दिया, जो लगभग डेढ़ महीने बाद पेशाब के रास्ते बाहर आया। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ थाने में शिकायत देने के साथ आईजीआरएस पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया है। घटना सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
इसी बीच बीते गुरुवार को अचानक सोनिया के पेट में तेज दर्द हुआ। पेशाब करते समय उसे कपड़े जैसा कोई हिस्सा बाहर आता महसूस हुआ। परिवार ने धीरे-धीरे उसे निकाला तो पता चला कि वह रुमाल के आकार का गॉज पैड था। इसके बाद जब निजी अस्पताल में जांच कराई गई तो पुष्टि हुई कि यह हेमोस्टैटिक गॉज पैड ही है। परिजनों का दावा है कि यह वही पैड है जो सिजेरियन के दौरान गर्भाशय में छूट गया था।
सीएचसी प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
मामले पर जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र पांडेय से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जो पैड पेशाब के रास्ते निकला, वह सीएचसी की महिला चिकित्सक द्वारा नहीं डाला गया होगा, क्योंकि प्रसूता लोहिया से रेफर होने के बाद एक निजी अस्पताल भी गई थी। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. एन.बी. सिंह ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यदि लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

