शहर की सफाई और सड़क रखरखाव में सुधार के लिए कर्नाटक कैबिनेट ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) क्षेत्र में 46 मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के किराये को मंजूरी दी है। यह योजना 7 साल की अवधि के लिए ₹613.25 करोड़ की लागत से लागू होगी। इसका उद्देश्य मुख्य और सहायक सड़कों पर सफाई की गुणवत्ता बढ़ाना, धूल नियंत्रण में सुधार करना और पूरी बेंगलुरु में सफाई के काम में समानता लाना है।
दैनिक खर्च और कवरेज
परियोजना के अनुसार 1,688 किलोमीटर सड़कों की सफाई के लिए औसत दैनिक खर्च लगभग ₹24.33 लाख होगा। मशीनें कुल 4,720 किलोमीटर की सफाई कवरेज प्रदान करेंगी, जिसमें पाँच नगर निगम क्षेत्रों की सड़कों को शामिल किया गया है। मशीनों का किराया ₹894.53 प्रति किलोमीटर प्रतिदिन तय किया गया है, और हर साल सफाई शुल्क में 5% वृद्धि की स्वीकृति दी गई है।
वित्तीय ब्योरा और वार्षिक अनुमान:
पहला वर्ष:
सेंट्रल कॉर्पोरेशन: ₹16.25 करोड़
ईस्ट कॉर्पोरेशन: ₹17.88 करोड़
वेस्ट कॉर्पोरेशन: ₹22.76 करोड़
बेंगलुरु नॉर्थ: ₹21.13 करोड़
बेंगलुरु साउथ: ₹17.88 करोड़
दूसरा वर्ष (5% वृद्धि के बाद):
सेंट्रल कॉर्पोरेशन: ₹17.07 करोड़
ईस्ट कॉर्पोरेशन: ₹18.78 करोड़
वेस्ट कॉर्पोरेशन: ₹23.90 करोड़
बेंगलुरु नॉर्थ: ₹22.19 करोड़
बेंगलुरु साउथ: ₹18.78 करोड़
महत्वपूर्ण शर्तें:
बिडर्स को मशीनों के संचालन, रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन की पूरी जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी।
ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन बिल में संशोधन:
कैबिनेट ने ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन (द्वितीय संशोधन) बिल, 2025 को भी मंजूरी दी। संशोधन के तहत मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास), वित्त विभाग के प्रधान सचिव और विधि एवं संसदीय मामलों के मंत्री को अथॉरिटी में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की नाराजगी:
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने तीन सब-कमिटी की रिपोर्टों में छह महीने से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। इनमें से एक समिति, पूर्व भाजपा सरकार के कोविड काल की अनियमितताओं की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट बिना किसी और देरी के प्रस्तुत की जाए।

