भार्गव कैंप में 30 अक्तूबर को दिन दिहाड़े विजय ज्वैलर में गन प्वाइंट पर लूट करने के मामले में पुलिस ने मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इसी दुकानदार को लुटेरों ने अजमेर भागने से पहले वारदात में इस्तेमाल हुआ पिस्टल थमाया था। पुलिस ने उक्त आरोपी को गिरफ्तार करके उससे पिस्टल भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी की पहचान मनबीर सिंह निवासी एकता नगर, रामामंडी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार मनबीर कुशल का काफी पुराना वाकिफ था। कुछ समय पहले भार्गव कैंप के कुशल व अन्य युवकों का दकोहा के कुछ युवकों से झगड़ा हुआ था। इस विवाद में राजीनामा करने के लिए दकोहा के युवकों ने अढ़ाई लाख रुपए की मांग की थी लेकिन मनबीर ने बीच में आकर वही राजीनामा 50 हजार रुपए में करवा दिया। इसके बाद मनबीर और कुशल की काफी करीबी दोस्ती हो गई थी।
उधर मनबीर ने पुलिस समक्ष कहा कि कुशल उसे पिस्टल जरूर दे गया था लेकिन उसने उसे किसी भी वारदात के बारे नहीं बताया। अगले दिन उसे पता लगा कि उक्त वारदात में यही पिस्टल यूज हुई है। हालांकि मनबीर ने उसके बावजूद भी पुलिस को पिस्टल के बारे नहीं बताया। मनबीर ने कहा कि उक्त पिस्टल कुशल उससे नहीं बल्कि किसी और से लेकर आया था।
हालांकि पुलिस ने मनबीर को नामजद करके उसे रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ उपरांत जेल भेज दिया है। इस केस में मनबीर की 6वीं गिरफ्तारी है। पुलिस तीनों लुटेरे कुशल, गगन और करण के साथ साथ अजमेर में तीनों को पनाह देने वालों के अलावा रेकी करने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से विजय ज्वैलर से लूटा गया सारा सोना भी बरामद हो चुका है।

