Gen Z हिंसा की जांच तेज, नेपाल के पूर्व पुलिस प्रमुख खपुंग के विदेश जाने पर लगी रोक

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नेपाल में आठ और नौ सितंबर को हुए ‘ZEN-G’ विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय आयोग ने देश के पूर्व पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खपुंग के विदेश जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में गठित आयोग की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सोमवार को कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) खपुंग अब आयोग की अनुमति के बिना काठमांडू घाटी से बाहर नहीं जा सकेंगे। आयोग के प्रवक्ता बिज्ञान राज शर्मा द्वारा जारी बयान में कहा गया, “पूर्व IGP चंद्र कुबेर खपुंग को किसी भी समय, आठ और नौ सितंबर की घटनाओं से संबंधित जांच के सिलसिले में आयोग के समक्ष उपस्थित होना पड़ सकता है, इसलिए तत्काल प्रभाव से उनकी विदेश यात्रा और घाटी से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।”

 

खपुंग को अब घाटी से बाहर जाने या विदेश यात्रा के लिए आयोग से पूर्व अनुमति लेनी होगी। आयोग तत्कालीन प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली और तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक पर भी काठमांडू घाटी से बाहर जाने पर पहले ही रोक लगा चुका है। आठ सितंबर को हुए पहले दिन के जेन-जेड विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 22 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। ये प्रदर्शन सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को हटाने और देश में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा राजनीतिक अव्यवस्था के खिलाफ किए जा रहे थे। दो दिनों तक चले हिंसक प्रदर्शनों में कुल 76 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद ओली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।

 

इस बीच, नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने कहा कि वे “ईमानदारी, दक्षता और उच्च मनोबल” के साथ पुलिस बल का नेतृत्व करते हुए सरकार और जनता दोनों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गृह मंत्रालय में बृहस्पतिवार को आयोजित एक विशेष समारोह में ‘आईजीपी प्रतीक चिह्न’ प्राप्त करने के बाद मीडिया से बातचीत में कार्की ने कहा कि वे पुलिस बल में मज़बूत नेतृत्व और टीमवर्क को बढ़ावा देंगे। कार्की को सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में नेपाल पुलिस का नया प्रमुख नियुक्त किया गया था, क्योंकि आईजीपी खपुंग का कार्यकाल समाप्त हो गया था।

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