पाकिस्तान में हाई सुरक्षा अलर्ट, बलूचिस्तान में स्कूल बंद व ‘डिजिटल ब्लैकआउट’

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गृह विभाग द्वारा जारी सुरक्षा अलर्ट के बाद पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में राजधानी क्वेटा को छोड़कर शेष स्थानों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। प्रांतीय सरकार के गृह विभाग द्वारा बुधवार को सुरक्षा अलर्ट जारी करने के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवा 16 नवंबर तक निलंबित रहेंगी। राष्ट्रीय राजमार्ग एन-70 के लोरलाई खंड पर भी सभी परिवहन सेवाओं के जरिये की जाने वाली यात्राएं 14 नवंबर तक यात्रा स्थगित कर दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय प्रांत में सुरक्षा अलर्ट और मौजूदा परिस्थितियों के कारण लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से क्वेटा के छावनी क्षेत्र के सभी स्कूल बुधवार से 16 नवंबर तक बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा, ‘‘ संपूर्ण प्रांत के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण यह  प्रांत कई बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, कोयला, सोना-तांबा आदि में समृद्ध है, लेकिन स्थानीय आबादी को उनका लाभ पर्याप्त-प्रमाण में नहीं मिलता। विशाल निवेश परियोजनाएं (उदाहरण के लिए China‑Pakistan Economic Corridor या CPEC) यहाँ चल रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में यह डर है कि ये परियोजनाएँ उनके जीवन-भाग्य व समुदाय को पीछे छोड़ेंगी। इस असंतुष्टि से नेतृत्व में गिरावट आई है और अलगाव-भावना (सेपरेशन) को बल मिला है।
स्थानीय बालेच समुदाय में यह भावना है कि उन्हें पाकिस्तान के अन्य प्रांतों की तरह राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संसाधनों में हिस्सेदारी व सामाजिक-आर्थिक अवसर नहीं मिल रहे।  राज्य-सामाजिक तंत्र में असंतुलन और स्थानीय आवाज़ों का दबना अक्सर सुरक्षा चुनौतियों को आगे बढ़ाता है। यहाँ कई विद्रोही समूह सक्रिय हैं, जैसे Baloch Liberation Army (BLA) और अन्य, जो अलग राज्य या विस्तारित स्वायत्तता की माँग करते हैं।  इनका निशाना अक्सर सुरक्षा बल, बुनियादी ढाँचे (रेल, राजमार्ग), विदेशी निवेश एवं श्रमिक होते हैं  जिससे वहां का वातावरण अस्थिर बन गया है।

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