दिल्ली के मुकाबले तीन गुना बेहतर है पंजाब के इस शहर की आबोहवा, पढ़ें पूरी खबर

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र साल की तरह इस बार भी नवंबर माह में जहां दिल्ली का वातावरण प्रदूषित होना शुरू हो गया है, वहीं इसके उलट पंजाब में, खासकर गुरदासपुर की हवा दिल्ली के मुकाबले तीन गुना साफ दर्ज की गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, आज शाम गुरदासपुर की हवा का सूचकांक 86 रहा, जबकि दिल्ली में यह तीन गुना अधिक पाया गया। इसका सीधा अर्थ है कि पंजाब के जिलों का प्रदूषण दिल्ली के खराब वातावरण से संबंधित नहीं है। इस वर्ष किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले वर्षों की तुलना में बहुत कम किसानों ने खेतों में फसल अवशेष जलाए हैं।

इसके बावजूद दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ना इस बात का संकेत देता है कि वहां के वायु प्रदूषण के पीछे अन्य कारण जिम्मेदार हैं। गुरदासपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से हवा का सूचकांक 80 से 100 के बीच स्थिर बना हुआ है, जिससे यहां प्रदूषण की कोई गंभीर समस्या नहीं है। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने और मिट्टी-धूल के कणों में वृद्धि के चलते आने वाले दिनों में यह सूचकांक कुछ बढ़ सकता है, लेकिन फिर भी दिल्ली की तुलना में गुरदासपुर की हवा काफी बेहतर बनी हुई है।

गुरदासपुर में पराली जलाने की स्थिति
यदि जिले की बात करें तो इस वर्ष अब तक केवल 79 स्थानों पर खेतों में आग लगाने के मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले वर्ष (2024) 10 नवम्बर तक 173 स्थानों पर और 2023 में इसी अवधि तक 368 स्थानों पर ऐसे मामले दर्ज किए गए थे। इस साल पराली जलाने की घटनाओं में 57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

पंजाब के अन्य हिस्सों की हालत
10 नवम्बर की शाम तक पूरे पंजाब में इस साल 4195 स्थानों पर पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 6611 और 2023 में 23626 थी। यह गिरावट इस बात का प्रमाण है कि खेतों में अवशेष जलाने से रोकने के लिए पंजाब सरकार और कृषि विभाग के प्रयास सफल रहे हैं। किसानों ने बड़ी संख्या में बिना आग लगाए ही फसल अवशेषों का निपटारा किया है।

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