हाईकोर्ट के आदेश की प्रति बीएसए देवरिया को भेज दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभियोजन के अनुसार, आरोपी लिपिक संजीव कुमार सिंह ने कृष्ण मोहन सिंह और दो अन्य शिक्षकों से नियुक्ति बहाली के नाम पर 16-16 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ितों ने उन्हें अलग-अलग किश्तों में सात लाख, नौ लाख और 16 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बाद भी आरोपित ने और रुपये की डिमांड करना शुरू कर दिया। जब शिक्षकों ने असमर्थता जताई तो आरोपित ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। 20 फरवरी 2025 को कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाया गया और वहां उन्हें काफी जलील व प्रताड़ित किया गया। यह भी पढ़ें- गोरखपुर में मछली का ‘मुड़ा’ न मिलने पर झगड़ा, युवक पर धारदार हथियार से हमला इसी बात से तंग आकर उन्होंने 21 फरवरी की सुबह अपने घर के नीचे वाले कमरे में जाकर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव,आरोपी लिपिक व उसके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। देवरिया के रामनाथ देवरिया कालोनी में रहने वाला संजीव कुमार सिंह मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार है। एसएसपी डा. कौस्तुभ ने बलिया जिले की रहने वाली फरार चल रही निलंबित बीएसए शालिनी के साथ ही लिपिक संजीव सिंह पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
लौहनगरी के ओलीडीह थाना क्षेत्र स्थित डिमना रोड में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। दिल्ली से लौटे सुप्रीम कोर्ट के होनहार अधिवक्ता शशिभूषण…

